Wednesday, July 04, 2012

आईना


जब भी देखता
अपनी सूरत आईने में 
पाता खड़े पीछे 
मेरे कंधे पर हाथ रखे,
लेकिन मुड़कर देखने पर 
पाता एक खाली पन,
शायद तुम्हारी स्मृतियां
समा गयी हैं इस आईने में.


पाने को छुटकारा
तुम्हारी यादों से 
हटा दिया आईना
दीवार से.
पर आईने की खाली जगह 
और भी जगाती यादें
आईने की
और उसमें तुम्हारी परछाईं की.


दीवारें खंडहर हो जाती हैं
उस पर टंगा आईना हट जाता है,
लेकिन स्मृतियां 
खंडहर होकर भी
और बिखर जाती हैं
दिल के हर कोने में.


कैलाश शर्मा  

41 comments:

  1. लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    स्मृतियाँ कहाँ पीछा छोड़ती हैं .... सुंदर प्रस्तुति

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  2. स्मृतियों का कोना हमेशा सुरक्षित रहता ही है!
    सुन्दर रचना!
    सादर!

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  3. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.
    उफ़ …………यही तो यादों की कहानी होती है बेहद उम्दा चित्रण

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  4. आइना तो बहाना हैं....
    स्मृतियाँ तो मन के भीतर दबी रहती हैं.....टीसती रहतीं हैं....

    सादर
    अनु

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  5. आइने जितने भी हटा दो यादें नहीं जाती ... समय के साथ बदती जाती हैं ये यादें ... बहुत लाजवाब रचना ...

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  6. स्मृतियाँ नहीं छोड़ती....सच है ...
    सुंदर रचना ...

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  7. स्मृतियाँ तो मन के भीतर होती हैं..आईना हटा कर भी क्या होगा......सुन्दर प्रस्तुति..

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  8. यादें स्थाई होती हैं, जिनती पुरानी होती जाती हैं उतनी गहरी होती जाती हैं... लाजवाब रचना... सादर

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  9. खूबसूरत आइना...

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  10. बहुत सुन्दर रचना..
    :-)

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  11. भावपूर्ण...मन के भीतर का आइना हटाना सम्भव नहीं !!

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  12. आईने ने शायद यह एहसास जगा दिया होगा कि वह तो आई ना
    बहुत सुन्दर

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  13. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में... यही तो अपनी हैं

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  14. लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    yaden aisi hi hotoi hae,aise hi pareshan karti hae, SUNDAR RACHNA

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  15. बहुत ही सुन्दर !

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  16. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 05 -07-2012 को यहाँ भी है

    .... आज की नयी पुरानी हलचल में .... अब राज़ छिपा कब तक रखे .

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  17. लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    बहुत उम्दा भाव,अभिव्यक्ति,,,सुंदर रचना,,,,

    MY RECENT POST...:चाय....

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  18. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में ।

    यादों का ये छल !

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  19. लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    Sach hai.... Sada Jeevan se Judi Rahati Hain Yaaden....

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  20. जितना आईने से दूर जाओगे,उतना ही वह सामने होगा...हकीकत बनकर !

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  21. स्मृतियाँ नहीं जाती...

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  22. अनुपम प्रस्तुति .स्मृति जब हिमोग्लोबिन बन जाए तब क्या करे कोई ..

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  23. बहुत उम्दा स्मृतियाँ लाजवाब रचना....!!!

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  24. दिल के हर कोने में बिखर रहा है काँधे पर रखे हाथ का अहसास..साथ ही खुद के होने का भी..

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  25. दर्पण से डर लगता है, सच्चाई दिखने लगती है..

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  26. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.
    Kitna sahee kaha aapne! In se na jane kaise peechha chhudaya jaye?

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  27. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में....bahut sahi satik sundar shabdo se bayan ki aapne dstaan , badhai aapko

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  28. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    बस स्‍मरण करने की देर होती है ...

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  29. स्मृतियाँ ताउम्र साथ रहती हैं...चाहे खंडहर होकर बिखर जाएँ...आइने के माध्यम से दिल के दर्द को बयान करती सुंदर रचना !

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  30. मन को छू लेने वाली रचना .......

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  31. स्मृतियाँ कहाँ पीछा छोड़ती हैं ....
    ......... सुंदर प्रस्तुति..........

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  32. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.
    ..सच स्मृतियां किसी न किसी रूप में हमारे सामने आकर मन में हलचल मचा जाती हैं ..
    बहुत बढ़िया

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  33. जिनके पास भी पवित्र स्‍मृतियां हैं उनका जीवन धन्‍य है।

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  34. दीवारें खंडहर हो जाती हैं
    उस पर टंगा आईना हट जाता है,
    लेकिन स्मृतियां
    खंडहर होकर भी
    और बिखर जाती हैं
    दिल के हर कोने में.

    सही कहा आपने कुछ स्मृतियाँ जिंदगी भर हमारे साथ रहती हैं.
    सुंदर रचना !
    साभार !!

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  35. भावो को शब्दों में उतार दिया आपने.................

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  36. smrutiyan aur aaina..sundar bimb man ke bhavo ko kahne ke liye..

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  37. smritiyaan dharohar hoti hain .....ab unase kayaa peechha chhudaana .....wo to sanjokar rakhane waali cheej hai

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  38. आईना कभी झूठ नहीं बोलता ...सच का प्रतीक...जिसे ये मन कभी नहीं मानता

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  39. postingan yang bagus tentang"आईना"

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