छुपा के रखा है
दिल के एक कोने में
तुम्हारा प्यार,
शायद ले जा पाऊँ
आख़िरी सफ़र में
अपने साथ
बचाकर
सब की नज़रों से.
२)
बहुत तेज सुनायी देती है
दिल की धड़कन
और साँसों की सरसराहट
अकेले सूने कमरे में.
कौन कहता है
कि अकेलापन
अकेला होता है.
३)
डर नहीं लगता
मौत के साये से,
डर तो यह है
यह ज़िंदगी
जियें कैसे.
४)
भुलाने को उनको
रख दीं उनकी यादें
बंद करके लिफ़ाफ़े में
किताबों के बीच,
पर क्या करें
रख नहीं पाते
अपने से दूर
वह किताब
कभी बुक शैल्फ पर.
५)
मौन पसरा हुआ अँधेरे में
अश्रु ठहरे हुए हैं पलकों पर,
कैसे निभाऊँ वादा
दिया तुमको,
कैसे समझाऊँ दर्द को अपने
जो आतुर है
बिखरने को
मेरे गीतों में.



