Pages

Friday, March 08, 2013

हाइकु (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर)


  (१)
स्त्री का सम्मान
पुरुषत्व की शान
कब जानोगे?
  
  (२)
नारी दिवस
तब बने सार्थक
रोज़ दो मान.
   
   (३)
न होती जो माँ
कहाँ होता अस्तित्व,
वह भी है स्त्री.

   (४)
नहीं अबला
आज की यह नारी,
कल से डरो.

  (५)
नारी का मान
बनाता घर स्वर्ग
आज़मा देखो.
   
  (६)
आने दो बेटी
करोगे महसूस
क्या होता प्यार.

  (७)
न हो दोषी माँ
बेटी के होने पर
आये वो दिन.

कैलाश शर्मा 

35 comments:

  1. नारी का मान
    बनाता घर स्वर्ग
    आज़मा देखो... आँगन की शोभा उसी से है

    ReplyDelete
  2. सभी हाइकु एक से बढ़कर कर ...
    आभार इस उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति के लिये

    ReplyDelete
  3. सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय-

    ReplyDelete
  4. आने दो बेटी
    करोगे महसूस
    क्या होता प्यार.

    उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति के लिये आभार

    ReplyDelete
  5. न होती जो माँ
    कहाँ होता अस्तित्व,
    वह भी है स्त्री.


    इस सत्य को वे भूल चुके हैं क्योंकि नारी के प्रति सम्मान उनके मन में रहा ही नहीं है, नहीं तो रोज उसके अपमानित किये जाने के किस्से सामने न होते . सारे हाईकू बहुत ही सटीक और सार्थक है .

    ReplyDelete
  6. हृदय से निकले उद्गार

    ReplyDelete
  7. आने दो बेटी
    करोगे महसूस
    क्या होता प्यार.....Achhe sundar hardya ke udgar

    ReplyDelete
  8. बहुत अच्छे... भावपूर्ण, अर्थपूर्ण हाईकु !
    ~सादर!!!

    ReplyDelete
  9. न होती जो माँ
    कहाँ होता अस्तित्व................मर्मपूर्ण रचना।

    ReplyDelete
  10. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बहुत उम्दा लाजबाब हाइकू,,,,

    Recent post: रंग गुलाल है यारो,

    ReplyDelete
  11. न हो दोषी माँ
    बेटी के होने पर
    आये वो दिन.
    सार्थक हाइकू ....

    ReplyDelete
  12. मन को छू लेने वाले सार्थक हाइकु

    ReplyDelete
  13. मर्मस्पर्शी भाव लिए हाइकु

    ReplyDelete
  14. aaj aapke haiku dekhne ka mauka mila / nc sr

    ReplyDelete
  15. महिला दिवस पर सुन्दर हाइकू,धन्यबाद.

    ReplyDelete
  16. बेटी का जन्म?
    विज्ञान उत्तर देता है-
    निर्णायक पुरुष ही !

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत सुन्दर हाइकु प्रतिभा जी...आभार

      Delete
  17. नारी दिवस
    तब बने सार्थक
    रोज़ दो मान...
    सार्थक भाव लिए लाज़वाब हाइकू... आभार

    ReplyDelete
  18. उत्‍कृष्‍ट हाइकू ..

    ReplyDelete
  19. हर एक हाईकू सुन्दर ...

    ReplyDelete
  20. महिला दिवस पर शानदार हायकू.

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
  21. wonderfully written Haiku..Kailash sharmaji I liked the first one the most Woman's honor Pride of masculinity.. Mahashivarathri Blessings GOD<3U

    ReplyDelete
  22. एक से बढ़कर एक हाइकू..आभार! सचमुच बेटी की माँ होना अब बहुत जगह गर्व की बात है..

    ReplyDelete
  23. महिला दिवस पर बडे प्यारे हाइकू ।

    ReplyDelete
  24. बहुत सुंदर .बेह्तरीन अभिव्यक्ति !शुभकामनायें.

    ReplyDelete
  25. सार्थक ... सभी हाइकू सुन्दर ओर सही सन्देश लिए ...

    ReplyDelete
  26. न होती जो माँ
    कहाँ होता अस्तित्व,
    वह भी है स्त्री.
    .......सभी हाइकू विचारणीय

    ReplyDelete

  27. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रिया आपकी टिपण्णी का .सौद्देश्य हाइकू ,बढ़िया सन्देश देते हैं .

    ReplyDelete
  28. वाह बहुत बढ़िया..आभार

    ReplyDelete