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Sunday, July 17, 2016

याद दे कर न तू गया होता

काश तुमसे न मैं मिला होता,
दर्द दिल में न ये पला होता।

रौनकों की कमी न दुनिया में,
एक टुकड़ा हमें मिला होता।

आसमां में हज़ार तारे हैं,
एक तारा मुझे मिला होता।

तू न मेरे नसीब में गर था,
इस जहाँ में न तू मिला होता।

ज़िंदगी कट रही बिना तेरे,
याद दे कर न तू गया होता 

नींद से टूटता नहीं नाता,
खाब तेरा न गर पला होता।

...© कैलाश शर्मा 

18 comments:

  1. नींद से टूटता नहीं नाता,
    ख्वाब तेरा न गर पला होता।
    ..प्यार में नींद हराम होना लाजमी है ..बहुत सुन्दर बानगी

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  2. एक तारा हमें मिला होता ...
    बहुत खूब ... हर शेर खूबसूरत है ... दिल की बात कहता हुआ ...

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  3. ज़िंदगी कट रही बिना तेरे,
    याद दे कर न तू गया होता।

    नींद से टूटता नहीं नाता,
    खाब तेरा न गर पला होता।
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय शर्मा जी !!

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  4. खूबसूरत रचना ....

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  5. सुन्दर रचना

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  6. बहुत सुन्दर रचना

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  7. अंतर्मन निकले सच्चे शब्द ।

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  8. तू न मेरे नसीब में गर था,
    इस जहाँ में न तू मिला होता।

    ज़िंदगी कट रही बिना तेरे,
    याद दे कर न तू गया होता।

    बहुत सुंदर।

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  9. काश तुमसे न मै मिला होता
    दर्द दिल मे न ये पला होता।

    रौनकों की कमी न दुनियां मे
    एक टुकड़ा हमें मिला होता।

    वाह ! बहुत सुंदर प्रस्तुति आदरणीय।

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  10. बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्‍तुति। याद देकर तू न गया होता। बेहद शानदार और भावपूर्णं रचना की प्रस्‍तुति।

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