Pages

Sunday, March 12, 2017

दुख दर्द दहन हो होली में

दुख दर्द दहन हो होली में,
हो रंग ख़ुशी के होली में।

तन मन आंनदित हो जाये,
जब रंग उड़ेंगे होली में।

सब भेद भाव मिट जायेंगे,
जब गले मिलेंगे होली में।

जब पिया गुलाल लगायेंगे,
तन मन सिहरेगा होली में।


मन से मन का जब रंग मिले,
तन रंग न चाहे होली में।

...©कैलाश शर्मा 

19 comments:

  1. सुन्दर नेक कामना रचना
    आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  2. सुन्दर। होली की मंगलकामनाएं।

    ReplyDelete
  3. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/03/10.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!
    मित्र-मंडली का संग्रह नीचे दिए गए लिंक पर संग्रहित हैं।
    http://rakeshkirachanay.blogspot.in/p/blog-page_25.html

    ReplyDelete
  4. सुंदर पंक्तियाँ ... शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
  5. सुन्दर शब्द रचना
    होली की शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर....
    होली की शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
  7. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज मंगलवार (14-03-2017) को

    "मचा है चारों ओर धमाल" (चर्चा अंक-2605)

    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  8. मन से रंग रंगे ... सच है असल होली वही है ...
    बहुत सुन्दर गीत ... होली की बधाई ...

    ReplyDelete
  9. सब भेद भाव मिट जायेंगे,
    जब गले मिलेंगे होली में।

    बहुत बढ़िया ! सुन्दर शब्दों में आपने होली के महत्त्व की बात लिखी है ! आपको भी होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  10. अरे वाह, आपकी रचना तो बहुत अच्छी है। मेरा भी मानना है कि इस बार तो होली में दुख दर्दों का दहन हो ही जाना चाहिए।

    ReplyDelete
  11. बहुत ही बढ़िया article है ..... ऐसे ही लिखते रहिये और मार्गदर्शन करते रहिये ..... शेयर करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। :) :)

    ReplyDelete
  12. साथॆक प्रस्तुतिकरण......
    मेरे ब्लाॅग की नयी पोस्ट पर आपके विचारों की प्रतीक्षा....

    ReplyDelete
  13. ‘‘दुख दर्द दहन हो होली में ’’
    अनुप्रास की छटा ने भाव को बहुगुणित कर दिया है ।
    बधाई आपको ।

    ReplyDelete
  14. बहुत प्रभावपूर्ण रचना......
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपके विचारों का इन्तज़ार.....

    ReplyDelete
  15. बहुत प्यारी रचना ... बधाई आपको !

    ReplyDelete