Kashish - My Poetry
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Tuesday, February 26, 2013
ठहरा हुआ वक़्त
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मिल जाता चंद लम्हों का अहसास तुम्हारे साथ होने का, गुनगुनाता तुम्हारे गीत मेरा आशियाँ आज भी. ****** ख्वाबों का आशियाँ ...
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Monday, February 04, 2013
श्रीमद्भगवद्गीता-भाव पद्यानुवाद (४५वीं कड़ी)
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मेरी प्रकाशित पुस्तक ' श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश: ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपद...
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Tuesday, January 29, 2013
मत बांधो मुझको परिभाषा के बंधन में
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मत बांधो मुझको परिभाषा के बंधन में, मुझको तो बस नारी बन कर जीने दो. बचपन कब बीता तितली सा, हर कदम कदम पर पहरा था. प्रतिपल...
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Wednesday, January 23, 2013
श्रीमद्भगवद्गीता-भाव पद्यानुवाद (४४वीं कड़ी)
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मेरी प्रकाशित पुस्तक ' श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश: ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूप...
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Thursday, January 17, 2013
उनके घरों में शायद न होती हैं बेटियाँ
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लेने से ज़न्म पहले ही मरती हैं बेटियाँ, सब बोझ भेद भाव का ढ़ोती हैं बेटियाँ. फ़िरते हैं गुनहगार खुले आम सड़क पर, उनका गुनाह उम...
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Sunday, January 13, 2013
हाइकु
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१) न होता दुःख गर समझ पाता, स्वार्थी रिश्तों को. २) रिश्तों की नाव डगमगाने लगी, मंजिल दूर. ३) नयन उठे, बेरुखी थी आँखों में, ...
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Thursday, January 10, 2013
श्रीमद्भगवद्गीता-भाव पद्यानुवाद (४३वीं कड़ी)
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मेरी प्रकाशित पुस्तक ' श्रीमद्भगवद्गीता (भाव पद्यानुवाद)' के कुछ अंश: ग्यारहवाँ अध्याय (विश्वरूपदर्शन-योग-११.१-८ )...
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