Kashish - My Poetry

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Thursday, September 14, 2017

दर्द को आशियां मिला

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दर्द को आशियां मिला , मिरे घर का निशां मिला. तू न मेरा नसीब था , दर्द का साथ तो मिला. रात भर जागते रहे , सुबह खाली मकां मि...
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Sunday, July 17, 2016

याद दे कर न तू गया होता

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काश तुमसे न मैं मिला होता , दर्द दिल में न ये पला होता। रौनकों की कमी न दुनिया में , एक टुकड़ा हमें मिला होता। आसमां में हज़ार त...
18 comments:
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Kailash Sharma
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