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Thursday, September 14, 2017

दर्द को आशियां मिला

दर्द को आशियां मिला,
मिरे घर का निशां मिला.

तू न मेरा नसीब था,
दर्द का साथ तो मिला.

रात भर जागते रहे,
सुबह खाली मकां मिला.

ज़िंदगी इस तरह रही,
हर किसी को रहा गिला.

चंद लम्हे खुशी मिली,
फिर अँधेरा घना मिला।

...©कैलाश शर्मा

Sunday, July 17, 2016

याद दे कर न तू गया होता

काश तुमसे न मैं मिला होता,
दर्द दिल में न ये पला होता।

रौनकों की कमी न दुनिया में,
एक टुकड़ा हमें मिला होता।

आसमां में हज़ार तारे हैं,
एक तारा मुझे मिला होता।

तू न मेरे नसीब में गर था,
इस जहाँ में न तू मिला होता।

ज़िंदगी कट रही बिना तेरे,
याद दे कर न तू गया होता 

नींद से टूटता नहीं नाता,
खाब तेरा न गर पला होता।

...© कैलाश शर्मा