दुख दर्द दहन हो होली में,
हो रंग
ख़ुशी के होली में।
तन मन आंनदित हो जाये,
जब रंग
उड़ेंगे होली में।
सब भेद भाव मिट जायेंगे,
जब गले
मिलेंगे होली में।
जब पिया गुलाल लगायेंगे,
तन मन
सिहरेगा होली में।
मन से मन का जब रंग मिले,
तन रंग न
चाहे होली में।
...©कैलाश शर्मा