Tuesday, February 26, 2013

ठहरा हुआ वक़्त


मिल जाता
चंद लम्हों का अहसास
तुम्हारे साथ होने का,
गुनगुनाता तुम्हारे गीत
मेरा आशियाँ आज भी.
******


ख्वाबों का आशियाँ
अब भी है बेताब
रात की तन्हाई में
सुनने को एक आहट
तुम्हारे कदमों की.
******

अश्क़ भी हैं भूल गए
नयनों से गिरना,
रह गयीं सूखी लक़ीरें
तप्त कपोलों पर
तुम्हारे इंतज़ार में.
******


क्यूँ दिखाए सपने
खुली आँखों से
ग़र तोड़ना ही था,
मेरी वफ़ा का बाँध
बहने भी नहीं देता
इन्हें अश्क़ों के साथ.
****** 


मिल जाते पंख 
भरने लगता उड़ान 
ठहरा हुआ वक़्त,
पाकर तुम्हारा साथ
कुछ पल को.


कैलाश शर्मा 

47 comments:

  1. मैं ही ठहरा सा,मैं ही आकाशगंगा में डुबकियां लेता ........ प्यार तो ब्रह्माण्ड है. है तो भी एक एहसास , टूटने में भी एक एहसास .......प्यार यही है

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  2. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति | प्यार सिर्फ एक एहसास ही तो है और कुछ नहीं | प्यार निराकार है | सच्चा प्यार सिर्फ महसूस करने से भी अपना एहसास छोड़ जाता है उसके लिए किसी दिखावे और आडम्बर की ज़रुरत नहीं होती | बहुत सार्थक रचना | सादर

    Tamasha-E-Zindagi
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  3. बहुत सुन्दर , साथ तो साथ ही है चाहे वह दूर ही क्यूँ ना हो जिसे दिन -रात सोचा जाय वह दूर कहाँ ......

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  4. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

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  5. बहुत ही खूबसूरत प्रस्तुति.

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  6. ख्वाबों का आशियाँ
    अब भी है बेताब
    रात की तन्हाई में
    सुनने को एक आहट
    तुम्हारे कदमों की...

    बहुत खूब ... उस आहट को शायद मन के कानों से सुना जा सके ...
    प्रेम का एहसास ओर प्रतीक्षा का रंग लिए ...

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  7. कुछ ठहरा सा,
    कुछ गहरा सा

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  8. ्खूबसूरत भावाव्यक्ति

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  9. मिल जाते पंख
    भरने लगता उड़ान
    ठहरा हुआ वक़्त,
    पाकर तुम्हारा साथ
    कुछ पल को.
    अनुपम भाव
    सादर

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  10. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .........अश्क़ भी हैं भूल गए
    नयनों से गिरना,
    रह गयीं सूखी लक़ीरें
    तप्त कपोलों पर
    तुम्हारे इंतज़ार में.

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  11. गहन बहुत सुंदर रचना .....
    आभार ।

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  12. प्यार का सिर्फ अहसास किया जा सकता,,,
    वाह!!!बहुत ही उम्दा अभिव्यक्ति,बधाई कैलाश जी,,,


    Recent Post: कुछ तरस खाइये

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  13. खूबसूरत भाव

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  14. प्यार एक एहसास ही तो है, सुंदर रचना ........

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  15. मिल जाते पंख
    भरने लगता उड़ान
    ठहरा हुआ वक़्त,
    पाकर तुम्हारा साथ
    कुछ पल को.

    प्यार और उससे जुड़े अनगिनत अहसास. सुंदर भाव लिये खूबसूरत कविता.

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  16. प्यार के अहसास का बहुत ही सुन्दर वर्णन....
    बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति...
    :-)

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  17. गहरे उतरता शाब्दिक वर्णन....

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  18. बहुत सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति . आभार .अरे भई मेरा पीछा छोडो आप भी जानें हमारे संविधान के अनुसार कैग [विनोद राय] मुख्य निर्वाचन आयुक्त [टी.एन.शेषन] नहीं हो सकते

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  19. बहुत सुन्दर ......

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  20. सार्थक रचना,गहन भाव, सादर

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  21. सभी बहुत सुन्दर.......आखिरी वाला सबसे अच्छा।

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  22. मिल जाते पंख
    भरने लगता उड़ान
    ठहरा हुआ वक़्त,
    पाकर तुम्हारा साथ
    कुछ पल को...................अत्‍यन्‍त प्रेममय।

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  23. वा ह..
    कुछ अलग सी

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  24. बहुत ही खूबसूरत एहसास !
    कोमलता से परिपूर्ण....प्यार की अति-सुंदर परिभाषा...
    ~सादर!!!

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  25. मन के कोमलतम भावों की सुन्दरतम अभिव्यक्ति !

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  26. अनुभूति के स्तर पर भाव और अर्थ दोनों को पंख लग गए हैं .गहन गुरु गंभीर भाव की सघन अभिव्यक्ति .शुक्रिया आपकी टिप्पणियों का भाईजान .

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  27. एहसासों से भरी सुन्दर रचना ...

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  28. ख्वाबों का आशियाँ
    अब भी है बेताब
    रात की तन्हाई में
    सुनने को एक आहट
    तुम्हारे कदमों की.

    सुन्दर भाव चित्र .

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  29. सुन्दर एहसासों का सुन्दर आशियाँना

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  30. thahara hua waqt , .bahut kuch maun shabdo me abhivyakti deta hai , chupe huye eahsaas ,bayan nahi ho sakte , thahare huye waqt dubaara nahi aata . .....

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  31. बहुत सुन्दर

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  32. वो जो तसव्वुर में चले आते हैं ,

    उम्र सारी यूं ही तड़पाते हैं .

    बिना पद चाप की आहट लिए ,

    गाहे बगाहे खाब में चले आते है .

    शुक्रिया आपकी टिपण्णी का .

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  33. गहन अनुभूति... ठहरा हुआ वक़्त. बहुत शुभकामनाएँ.

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  34. अश्क़ भी हैं भूल गए
    नयनों से गिरना,
    रह गयीं सूखी लक़ीरें
    तप्त कपोलों पर
    तुम्हारे इंतज़ार में-----bahut sunder

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  35. शुक्रिया कैलाश जी . मेरी कविता को पसंद करने के लिए
    आपकी ये कविता पढ़ी . बहुत सुन्दर लिखा है .. बधाई स्वीकार करिए
    प्रेम के कई dimensions को आपने शब्दों के द्वारा बहुत अच्छी तरह व्यक्त किया है .

    विजय
    www.poemsofvijay.blogspot.in

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  36. उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

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  37. वो है ...वो नही फिर भी रहता है साथ .......यही है एहसास .....

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  38. चाहत भरे भाव....कोमल से...

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