Sunday, July 30, 2017

आज दिल ने है कुछ कहा होगा

आज दिल ने है कुछ कहा होगा,
अश्क़ आँखों में थम गया होगा।

आज खिड़की नहीं कोई खोली,
कोइ आँगन में आ गया होगा।

आज सूरज है कुछ इधर मद्धम,
केश से मुख है ढक लिया होगा।

दोष कैसे किसी को मैं दे दूं,
तू न इस भाग्य में लिखा होगा।

दोष मेरा है, न कुछ भी तेरा,
वक़्त ही बावफ़ा न रहा होगा।

...©कैलाश शर्मा

23 comments:

  1. वाहः बहुत खूब

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  2. दोष मेरा है, न कुछ भी तेरा,
    वक़्त ही बावफ़ा न रहा होगा।
    .... वाह जी , ये हुई न बात ः)

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (31-07-2017) को "इंसान की सच्चाई" (चर्चा अंक 2682) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. वाह ! क्या बात है सुन्दर ,कोमल भावनाओं से सजी रचना आभार। "एकलव्य"

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  5. वक़्त ही बावफ़ा न रहा होगा।
    -- दोष दें भी तो किसे !

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  6. दोष मेरा है, न कुछ भी तेरा,
    वक़्त ही बावफ़ा न रहा होगा। ..वाह

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  7. दोष मेरा है, न कुछ भी तेरा,
    वक़्त ही बावफ़ा न रहा होगा।

    बढ़िया अंदाज़, वक़्त की बेवफ़ाई का एक रंग यह भी है ।

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  8. बहुत सुंदर लिखा है आदरणीय !सरलता और सादगी से की गई नाजुक भावों की अभिव्यक्ति !

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  9. आपकी लिखी रचना  "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 2 अगस्त 2017 को लिंक की गई है.................. http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  10. आदरणीय कैलाश जी -- आज आपके ब्लॉग पर पहली बार आकर आपकी ये सुंदर भावभीनी रचना पढ़ी | बहुत अच्छी लगी | शुभकामना आपको -----------

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  11. लाजवाब़ गज़ल लिखी आपने आदरणीय।👌👌

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  12. बहुत खूब ... गहरा एहसास लिए ...
    आज खिड़की नहीं कोई खोली,
    कोइ आँगन में आ गया होगा ... क्या बात सर ... ताज़ा हवा के झोंके की तरह ...

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  13. दोष कैसे किसी को मैं दे दूं,
    तू न इस भाग्य में लिखा होगा।
    वाह !!!

    लाजवाब...

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  14. बहुत सुन्दर ! काबिलेतारीफ़ आभार। "एकलव्य"

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  15. बहुत खूबसूरत रचना ! आभार ।

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  16. बहुत ही बेहतरीन article लिखा है आपने। Share करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। :) :)

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  17. नाम वही, काम वही लेकिन हमारा पता बदल गया है। आदरणीय ब्लॉगर आपने अपने ब्लॉग पर iBlogger का सूची प्रदर्शक लगाया हुआ है कृपया उसे यहां दिए गये लिंक पर जाकर नया कोड लगा लें ताकि आप हमारे साथ जुड़ें रहे।
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