Tuesday, January 17, 2012

हाइकु

   (१)
अकेले चलो
मिलता नहीं साथ
मंज़िल तक.


   (२)
गलती एक 
सज़ा उम्र भर की
कैसा इन्साफ?


   (३)
नभ में चाँद 
नदी में परछाईं
दोनों है दूर.


   (४)
राहों का शोर
मन का सूनापन
दोनों हैं साथ.


   (५)
रिश्तों में गाँठ 
पड़ी जो एक बार
सुलझी कब?

कैलाश शर्मा 

44 comments:

  1. बहुत खूब
    कोई शब्द नहीं हैं
    लाजवाब हैं
    :-)

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  2. बहुत बढिया दूसरा और चौथा बहुत अच्छा है |

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  3. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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  4. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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  5. गलती एक
    सज़ा उम्र भर की
    कैसा इन्साफ ...

    कमाल ... हाइकू में विशिष्ट मतलब को सेट करना जोखिम काम है जो बखूबी किया है आपने ... लाजवाब ...

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  6. हाइकू का लाजवाब प्रयोग, भावों को समेटने में।

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  7. लाजवाब... बहुत सुन्दर ....

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  8. सारे हाइकू अर्थपूर्ण हैं...बहुत खूब

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  9. रिश्तों में गाँठ
    पड़ी जो एक बार
    सुलझी कब?


    लाजवाब हाइकू ,बहुत सुन्दर

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  10. gaagar me saagar se haiku.....sabhi bahut umda....bdhaai aap ko....

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  11. गलती एक
    सज़ा उम्र भर की
    कैसा इन्साफ?
    ... insaaf hota kab hai !

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  12. वाह ...बहुत खूब ।

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  13. शानदार. सभी एक से बढकर एक.

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  14. रिश्तों में गाँठ
    पड़ी जो एक बार
    सुलझी कब?



    सारे के सारे हाइकु एक से बढकर एक हैं...अर्थ से परिपूर्ण हैं आभार |
    रफ़्तार व सफ़र पर आपके कमेन्ट से मेरा मनोबल को ताकत मिली "धन्यवाद"

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  15. हाइकू के क्‍या कहने?

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  16. वाह!
    बहुत बढ़िया!
    अपनी सुविधा से लिए, चर्चा के दो वार।
    चर्चा मंच सजाउँगा, मंगल और बुधवार।।
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

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  17. सारे हाइकू बहुत बढ़िया! हैं.

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  18. रिश्तों में गाँठ
    पड़ी जो एक बार
    सुलझी कब?
    sundar .......

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  19. रिश्तों में गाँठ
    पड़ी जो एक बार
    सुलझी कब? .......बेहतरीन

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  20. बेहतरीन रचनाएं......

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  21. सभी हाइकू एक से बढ़कर एक...चाँद और उसकी परछाई दूर हैं तभी तो हसीन हैं...पास आते ही चीजें आकर्षण खो देती हैं.

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  22. बहुत सुन्दर हाईकू ... सब एक से बढ़ कर एक

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  23. गलती एक
    सज़ा उम्र भर की
    कैसा इन्साफ?

    बेजोड़...लेखन

    नीरज

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  24. लाजवाब हाइकू ,बहुत सुन्दर

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  25. नव वर्ष की बधाई ,.... काम में व्यस्त था ....सुंदर हइकू

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  26. सार्थक हाइकू,..बेहतरीन...बहुत सुंदर ,..कैलाश जी
    new post...वाह रे मंहगाई...

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  27. namaskar kailash ji
    sabhi hayuk ek se badhkar ek ..bahut sunder .
    2,3 45 bahut khas lage .

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  28. बेहद प्रभावशाली हाइकू।
    कम शब्दों में जीवन दर्शन।

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  29. बहुत बढ़िया हाइकू। धन्यवाद।

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  30. आपने कम शब्दों में गहरी बातें कह दी हैं.
    बढ़िया और लाजबाब हाइकू.

    आभार.

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  31. अत्यंत प्रभावी...
    सादर.

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